डर लगता है 



ऊँचा उठने की ख्वाहिस बचपन से है पर

आसमान की उचाईयो से डर लगता है

हम भी चाहते है कोई शिद्दत से चाहे हमें पर

प्यार की गहराईयों से डर लगता है

कोई थाम न ले चुपके से मेरे हाथो  को

अब तो अपनी परछइयो से डर लगता है

उम्मीदों पर खरे उतरना तो सभी चाहते है

दोस्तों .......

दुनिया की बेवफाईयो से डर लगता है


                                                                                                                     चन्दन विश्वकर्मा 



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