उस पर ऐतबार क्यों है


ना जाने मेरा दिल आज बेकरार क्यों है..



ना जाने मेरा दिल आज बेकरार क्यों है

जो दे रहा है मेरे सामने मुझी को धोखा 

उस पर ऐतबार क्यों है 

जुल्फों के साये में गुजारे सुबह शाम 

उनमे ही बेवफाई की दुर्गन्ध आज क्यों है 

ना जाने मेरा दिल आज बेकरार क्यों है ||


रहमत बरसा ऐ खुदा उन दीवानों पर

जिनके सांसो मे, ख्वाबो में 

उस बेवफा का नाम आज भी है   

ना जाने मेरा दिल आज बेकरार क्यों है ||


चन्दन विश्वकर्मा 

जौनपुर उत्तर प्रदेश 


 

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